अध्याय 83

एलेन उससे नज़रें मिलाने की हिम्मत नहीं कर पा रही थी। वह दीवार के पास अकेली खड़ी थी, उसका मन पछतावे से भरा हुआ था।

वक़्त गुज़रता रहा, और आखिरकार एलिशिया भी चुप हो गई—हालाँकि कभी-कभी वह अब भी एलेन को बर्फ़-सी ठंडी नज़र से घूर देती थी।

मिनट बीतते गए और बाहर का आसमान धीरे-धीरे गहराता चला गया।

एलिशिया...

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